वो अनगिनत अनमोल यादों के गहने ज़िन्दगी के प्यारे प्यारे से वो लम्हें। वो अनगिनत अनमोल यादों के गहने ज़िन्दगी के प्यारे प्यारे से वो लम्हें।
सागर की गहराई से भी गहरा अपना प्यार फिर जुदाई दे गया तू मेरे दिल को हर बार सागर की गहराई से भी गहरा अपना प्यार फिर जुदाई दे गया तू मेरे दिल को हर बार
चलो, फ़ुरसत के कुछ लम्हें ढूंढें, रोशनी की कुछ किरने ढूंढें! चलो, फ़ुरसत के कुछ लम्हें ढूंढें, रोशनी की कुछ किरने ढूंढें!
जानते हो हम क्यों भागते थे, क्योंकि हम घरों की घंटी बजाते थे, जानते हो हम क्यों भागते थे, क्योंकि हम घरों की घंटी बजाते थे,
"जब-जब तेरे शहर मे आता हूँ.. फ़ितरत से और जवान हो जाता हूँ.. "जब-जब तेरे शहर मे आता हूँ.. फ़ितरत से और जवान हो जाता हूँ..